भारत में सीधे “सब्सिडी” (Cash Back) के रूप में डेयरी लोन नहीं मिलता, लेकिन किसान को ब्याज में कमी (Interest Subvention) और इंटरस्ट राहत जैसे लाभ मिलते हैं, जिससे लोन का असली बोझ बहुत कम हो जाता है।
👉 इसे आम भाषा में लोन पर ब्याज सब्सिडी या इंटरेस्ट सबवेशन कहा जाता है।
📉 ब्याज सब्सिडी (Interest Subvention Details)
सरकार कई तरह के कार्यक्रम के जरिए ब्याज दर को कम करती है:
✅ 1. Interest Subvention on Dairy Loan
- किसान को ब्याज पर 2% – 3% की छूट मिल सकती है
- यह सुविधाएँ प्रधानमंत्री कृषि सिंचन योजनाएँ, राज्य-स्तरीय योजनाएँ या बैंक-विशेष स्कीम्स के अंतर्गत मिलती हैं
👉 मतलब अगर बैंक का मूल ब्याज 8% है,
तो सब्सिडी के बाद आपका रेट ≈ 5% – 6% तक हो सकता है
🐂 किसानों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन
कुछ राज्यों में किसानों को अतिरिक्त लाभ भी मिलता है:
📍 राज्य-स्तरीय ब्याज राहत
- जैसे गुजरात/राजस्थान/उत्तर प्रदेश में
- छोटे किसानों को अतिरिक्त 1% – 2% छूट
- महिला किसान को अलग से प्रोत्साहन
👉 अलग-अलग राज्यों में यह सब्सिडी/Interest Subvention अलग-अलग हो सकती है।
📊 उदाहरण (Interest Subvention Effect)
| घटक | बिना सब्सिडी | सब्सिडी के साथ |
|---|---|---|
| बैंक ब्याज दर | 8% | 5% – 6% |
| सालाना ब्याज (₹3 लाख पर) | ₹24,000 | ₹15,000 – ₹18,000 |
| बचत | — | ₹6,000 – ₹9,000 |
👉 मतलब लगभग ₹6,000 – ₹9,000 प्रति साल की बचत!
🧾 कौन-से लोन पर सब्सिडी मिलता है?
यह लाभ आमतौर पर मिलता है उन लोन पर जो:
✔ डेयरी पशु खरीदने
✔ चारा/फीड यूनिट लगाने
✔ डेयरी शेड/प्लांट बनाने
के लिए लिया गया हो।
🐄 सब्सिडी पाने के लिए जरूरी चीजें
✔ किसान होना चाहिए
✔ ऋण का उपयोग पशुपालन के लिए हो
✔ बैंक द्वारा अप्रूव्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट
✔ आवेदन बैंक शाखा में समय पर जमा
🧠 ध्यान रखें
✔ हर बैंक/राज्य की पॉलिसी अलग होती है
✔ केंद्र + राज्य योजनाओं की अपडेट चेक करते रहें
✔ ज्यादा ब्याज राहत वाले राज्य योजनाओं का लाभ लें
📌 निष्कर्ष
💡 डेयरी लोन पर सीधे नकद सब्सिडी नहीं मिलती,
लेकिन Interest Subvention के रूप में ब्याज में 2–3% तक राहत मिल सकती है।
👉 इससे ब्याज खर्च कम होता है और आपकी लोन की लागत घटती है — यानी अच्छा मुनाफा!