बहुत लोग सोचते हैं कि माइक्रोग्रीन्स कोई अलग पौधा है।
लेकिन सच यह है कि माइक्रोग्रीन्स किसी भी सब्जी, अनाज या दाल के बीज से तैयार की जाती हैं।
आइए आसान भाषा में समझते हैं 👇
🌿 माइक्रोग्रीन्स असल में होती क्या हैं?
माइक्रोग्रीन्स बीज से निकलने वाली शुरुआती कोमल पत्तियां होती हैं जिन्हें अंकुरण के 7–15 दिन बाद काट लिया जाता है।
यह “स्प्राउट्स” और “पूरी तरह बड़ी सब्जी” के बीच का स्टेज होता है।
🌱 माइक्रोग्रीन्स किन-किन चीजों से बनती हैं?
1️⃣ सब्जियों के बीज से
- मूली
- सरसों
- पत्ता गोभी
- ब्रोकली
- धनिया
👉 ये सबसे लोकप्रिय माइक्रोग्रीन्स हैं।
2️⃣ दालों से
- मूंग
- चना
- मसूर
दालों की माइक्रोग्रीन्स प्रोटीन से भरपूर होती हैं।
3️⃣ अनाज से
- गेहूं (व्हीटग्रास)
- जौ
- मक्का
गेहूं घास (Wheatgrass) जूस के रूप में बहुत लोकप्रिय है।
4️⃣ सूरजमुखी और अन्य बीज
- सूरजमुखी
- अलसी
- तिल
ये स्वाद और पोषण दोनों बढ़ाते हैं।
🪴 माइक्रोग्रीन्स उगाने के लिए किन चीजों की जरूरत होती है?
✔ अच्छी क्वालिटी के बीज
✔ ट्रे या कंटेनर
✔ मिट्टी / कोकोपीट
✔ हल्की धूप
✔ रोज पानी का स्प्रे
👉 कोई केमिकल या भारी खाद की जरूरत नहीं।
🥗 माइक्रोग्रीन्स में क्या-क्या पोषक तत्व होते हैं?
माइक्रोग्रीन्स में पाए जाते हैं:
- विटामिन A, C, K
- आयरन
- कैल्शियम
- एंटीऑक्सीडेंट
- फाइबर
कई बार इनमें बड़ी सब्जियों से ज्यादा पोषण पाया जाता है।
🌿 माइक्रोग्रीन्स बनाम स्प्राउट्स
| तुलना | माइक्रोग्रीन्स | स्प्राउट्स |
|---|---|---|
| उगाने का माध्यम | मिट्टी/कोकोपीट | पानी |
| समय | 7–15 दिन | 2–3 दिन |
| खाया जाने वाला हिस्सा | पत्तियां और तना | पूरा अंकुर |
| पोषण | बहुत अधिक | अच्छा |
🌱 Beginner के लिए सबसे आसान माइक्रोग्रीन्स
- मूंग
- मेथी
- सरसों
- सूरजमुखी
🚀 निष्कर्ष
माइक्रोग्रीन्स किसी खास पौधे से नहीं, बल्कि साधारण बीजों से ही बनती हैं।
बस फर्क इतना है कि इन्हें शुरुआती अवस्था में ही काट लिया जाता है।
✔ कम समय
✔ ज्यादा पोषण
✔ कम खर्च
✔ कम जगह
यही वजह है कि माइक्रोग्रीन्स आज Urban Gardening में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।