भारत में औषधीय पौधों की खेती (Medicinal Plants Farming) तेजी से लोकप्रिय हो रही है। आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी और हर्बल प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग के कारण यह खेती किसानों के लिए एक लाभदायक और सुरक्षित बिजनेस मॉडल बन चुकी है।
अगर आप कम लागत में खेती शुरू कर अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो औषधीय पौधों की खेती आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
औषधीय पौधों की खेती क्या है?
औषधीय पौधों की खेती में ऐसे पौधों का उत्पादन किया जाता है जिनका उपयोग दवाइयों, आयुर्वेदिक उत्पादों, कॉस्मेटिक्स और हर्बल सप्लीमेंट्स में होता है। यह खेती कम पानी, कम खाद और कम देखभाल में भी सफल हो सकती है।

औषधीय पौधों की खेती के फायदे
- ✅ कम लागत में शुरुआत
- ✅ बाजार में लगातार मांग
- ✅ सूखा प्रभावित क्षेत्रों में भी संभव
- ✅ सरकारी सब्सिडी व प्रशिक्षण उपलब्ध
- ✅ ऑर्गेनिक खेती के लिए उपयुक्त
भारत में लोकप्रिय औषधीय पौधे
🌿 1. तुलसी (Tulsi)
- उपयोग: इम्युनिटी, सर्दी-खांसी
- अवधि: 3–4 महीने
- कम पानी में उगती है
🌿 2. एलोवेरा (Aloe Vera)
- उपयोग: दवाइयां, कॉस्मेटिक
- अवधि: 8–10 महीने
- शुष्क भूमि के लिए उपयुक्त
🌿 3. अश्वगंधा (Ashwagandha)
- उपयोग: तनाव, कमजोरी, आयुर्वेद
- अवधि: 6–7 महीने
- निर्यात की अच्छी संभावना
🌿 4. गिलोय (Giloy)
- उपयोग: रोग प्रतिरोधक क्षमता
- बेल के रूप में उगाई जाती है
🌿 5. स्टीविया (Stevia)
- उपयोग: प्राकृतिक मीठा
- मधुमेह रोगियों में लोकप्रिय

औषधीय पौधों की खेती कैसे शुरू करें? (Step-by-Step)
🔹 1. भूमि का चयन
- जल निकास वाली भूमि
- pH मान: 6.0–7.5
- धूप वाली जगह अधिक उपयुक्त
🔹 2. बीज या पौध का चयन
- प्रमाणित नर्सरी से पौध लें
- स्थानीय जलवायु के अनुसार चयन करें
🔹 3. बुवाई और रोपाई
- कतार में रोपाई करें
- पौधों के बीच उचित दूरी रखें
🔹 4. सिंचाई और देखभाल
- आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई
- रासायनिक खाद से बचें
- जैविक खाद का प्रयोग करें
🔹 5. कटाई और सुखाना
- सही समय पर कटाई करें
- छाया में सुखाएं
- नमी रहित स्थान पर भंडारण करें
औषधीय पौधों की खेती में लागत और मुनाफा (1 एकड़ अनुमान)
💰 अनुमानित लागत:
- पौध/बीज: ₹15,000–₹25,000
- खाद व देखभाल: ₹20,000
- अन्य खर्च: ₹15,000
👉 कुल लागत: ₹50,000–₹60,000
💸 संभावित मुनाफा:
- औसत आय: ₹1.5–3 लाख प्रति एकड़
- शुद्ध मुनाफा: ₹1–2.5 लाख (एक सीजन में)
👉 एलोवेरा और अश्वगंधा में मुनाफा और भी अधिक हो सकता है।
सरकारी योजनाएं और सब्सिडी
औषधीय खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है:
- 🏛️ राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM)
- 🌱 राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB)
- 💰 30%–50% तक सब्सिडी
- 🎓 प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता
👉 अधिक जानकारी के लिए अपने जिले के कृषि या आयुष विभाग से संपर्क करें।
औषधीय पौधों की खेती में सफलता के टिप्स
- ✔️ पहले बाजार तय करें (कंपनी/मंडी)
- ✔️ कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को प्राथमिकता दें
- ✔️ ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन पर ध्यान दें
- ✔️ रिकॉर्ड मोबाइल ऐप से रखें
- ✔️ एक ही फसल पर निर्भर न रहें
औषधीय पौधों की खेती किसके लिए सही है?
- छोटे और सीमांत किसान
- जैविक खेती करने वाले
- महिला किसान और SHG
- स्टार्टअप व युवा उद्यमी
- कम पानी वाले क्षेत्र के किसान
निष्कर्ष
औषधीय पौधों की खेती 2026 में किसानों के लिए एक सुरक्षित, टिकाऊ और लाभकारी व्यवसाय है।
सही फसल चयन, बाजार संपर्क और सरकारी सहायता के साथ यह खेती आपकी आय को कई गुना बढ़ा सकती है।